यहोवा सब चापलूस होठों को और उस जीभ को जिससे बड़ा बोल निकलता है12:3 उस जीभ को जिससे बड़ा बोल निकलता है: बड़े बोल बोलनेवाले या आत्मस्वाभिमानी। काट डालेगा।
दीन लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, यहोवा कहता है, “अब मैं उठूँगा, जिस पर वे फुँकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूँगा।”
यहोवा का वचन पवित्र है, उस चाँदी के समान जो भट्ठी में मिट्टी पर ताई गई, और सात बार निर्मल की गई हो12:6 सात बार निर्मल की गई हो: अर्थात् बार बार आग में पिघलाई गई।।
भजन संहिता 12 · KJV Audio
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