Chapter 121 of 150

भजन संहिता121

मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी?

मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।

वह तेरे पाँव को टलने न देगा121:3 वह तेरे पाँव को टलने न देगा: वह तुम्हें दृढ़ खड़ा रहने में सक्षम बनाएगा। उसकी शरण में तू सुरक्षित है।, तेरा रक्षक कभी न ऊँघेगा।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊँघेगा और न सोएगा।

यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।

न तो दिन को धूप से, और न रात को चाँदनी से तेरी कुछ हानि होगी।

यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।

यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगा121:8 यहोवा .... तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगा: अर्थात् हर जगह हर समय।।

भजन संहिता 121 · KJV Audio
0:00
0:00