राजा के सामने अपनी बड़ाई न करना और बड़े लोगों के स्थान में खड़ा न होना25:6 बड़े लोगों के स्थान में खड़ा न होना: बुद्धिमानी और शालीनता यही है कि पहले दीनता पूर्वक छोटा स्थान ग्रहण करें अपेक्षा इसके कि अपमानित होकर उस स्थान पर जाना पड़े।;
उनके लिए तुझ से यह कहना बेहतर है कि, “इधर मेरे पास आकर बैठ” ताकि प्रधानों के सम्मुख तुझे अपमानित न होना पड़े. (लूका 14:10,11)
जो कुछ तूने देखा है, वह जल्दी से अदालत में न ला, अन्त में जब तेरा पड़ोसी तुझे शर्मिंदा करेगा तो तू क्या करेगा?
जैसे सोने का नत्थ और कुन्दन का जेवर अच्छा लगता है, वैसे ही माननेवाले के कान में बुद्धिमान की डाँट भी अच्छी लगती है।
धीरज धरने से न्यायी मनाया जाता है, और कोमल वचन हड्डी को भी तोड़ डालता है25:15 कोमल वचन हड्डी को भी तोड़ डालता है: जीतनेवाला सज्जनता का वचन वह काम कर देता है जिसे करना पहले लगभग असंभव था। वह हड्डी जैसी बाधाओं को तोड़ देता है जिन्हें अति दृढ़ जबड़े भी तोड़ नहीं पाते।।
जैसा जाड़े के दिनों में किसी का वस्त्र उतारना या सज्जी पर सिरका डालना होता है, वैसा ही उदास मनवाले के सामने गीत गाना होता है।