नींद से प्रीति न रख, नहीं तो दरिद्र हो जाएगा; आँखें खोल20:13 आँखें खोल: सतर्क एवं सक्रिय रह। यह समृद्धि का रहस्य है। तब तू रोटी से तृप्त होगा।
सोना और बहुत से बहुमूल्य रत्न तो हैं; परन्तु ज्ञान की बातें20:15 ज्ञान की बातें: अर्थात् सबसे अधिक मूल्यवान हैं “ज्ञान की बातें” अनमोल मणि ठहरी हैं।
किसी अनजान के लिए जमानत देनेवाले के वस्त्र ले और पराए के प्रति जो उत्तरदायी हुआ है उससे बँधक की वस्तु ले रख।
मनुष्य का मार्ग यहोवा की ओर से ठहराया जाता है; मनुष्य अपना मार्ग कैसे समझ सकेगा20:24 मनुष्य अपना मार्ग कैसे समझ सकेगा: मनुष्य के जीवन का क्रम उसके लिये एक रहस्य है। वह नहीं जानता कि कहाँ जा रहा है या परमेश्वर उसे किस काम के लिये शिक्षा दे रहा है।?
जो मनुष्य बिना विचारे किसी वस्तु को पवित्र ठहराए, और जो मन्नत मानकर पूछपाछ करने लगे, वह फंदे में फँसेगा।
नीतिवचन 20 · KJV Audio
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