भजन संहिता 129:3

HINIRVभजन संहिता 129:3

हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया129:3 हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया: यह रूपक ही भूमि जोतने का है उसमें निहित विचार यह है कि कष्ट ऐसे हैं जैसे हल धरती का सीना चीरता है।, और लम्बी-लम्बी रेखाएँ की।”

eng_kjvPsalms 129:3

The plowers plowed upon my back: they made long their furrows.