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भजन संहिता 60:11
शत्रु के विरुद्ध हमारी सहायता कर, क्योंकि मनुष्य की सहायता व्यर्थ है60:11 मनुष्य की सहायता व्यर्थ है: हमारी सहायता परमेश्वर से है। मनुष्य न तो अगुआई कर सकता है न ही शक्ति दे सकता है, न क्षमा कर सकता, न उद्धार दिला सकता है। मनुष्य से सहायता की आशा करना व्यर्थ है।।
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