HINIRV

भजन संहिता 42:7

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तेरी जलधाराओं का शब्द सुनकर जल, जल को पुकारता है42:7 जल, जल को पुकारता है: अर्थात् पानी की लहर, सम्भवतः एक तीव्र वेग से बहनेवाले सोते की लहरें जो एक तट पर टकरा कर दूसरे तट तक जाती हैं।; तेरी सारी तरंगों और लहरों में मैं डूब गया हूँ।

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