तुम कब तक एक पुरुष पर धावा करते रहोगे, कि सब मिलकर उसका घात करो? वह तो झुकी हुई दीवार या गिरते हुए बाड़े के समान है।
सचमुच वे उसको, उसके ऊँचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुँह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं। (सेला)
हे लोगों, हर समय उस पर भरोसा रखो; उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो62:8 उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो: यहाँ अंतर्निहित विचार है कि मन कोमल एवं मुलायम हो जाए कि उसकी भावनाएँ और इच्छाएँ पानी के सदृश्य बहने लगें।; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है। (सेला)
सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब साँस से भी हलके हैं।
अत्याचार करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन-सम्पत्ति बढ़े, तो भी उस पर मन न लगाना। (मत्ती 19:21,22, 1 तीमु. 6:17)
परमेश्वर ने एक बार कहा है; और दो बार मैंने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है62:11 कि सामर्थ्य परमेश्वर का है: कहने का अर्थ है कि मनुष्य के लिए आवश्यक सामर्थ्य अर्थात् उसकी रक्षा एवं उद्धार की योग्यता, केवल परमेश्वर में हैं।