वह मुझे हरी-हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल23:2 सुखदाई जल: रुका हुआ जल नहीं, परमेश्वर के जनों के लिए काम में लेने पर इसका अभिप्राय है, नीरवता, शान्ति, और प्राण का विश्राम। के झरने के पास ले चलता है;
चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ, तो भी हानि से न डरूँगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
तू मेरे सतानेवालों के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है23:5 मेरे लिये मेज बिछाता है: परमेश्वर ने मेज लगाई, भोज का आयोजन किया जबकि उसके बैरी सामने थे।; तूने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमड़ रहा है।
भजन संहिता 23 · KJV Audio
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