वह जो सिधाई से चलता15:2 वह जो सिधाई से चलता: अर्थात् जो सिद्ध जीवन जीता और सिद्ध आचरण रखता है। और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है;
वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है15:4 जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है: जो पतित एवं बुरे चरित्र के मनुष्य का सम्मान नहीं करता है।, पर जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठानी पड़े;
भजन संहिता 15 · KJV Audio
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