Chapter 149 of 150

भजन संहिता149

यहोवा की स्तुति करो! यहोवा के लिये नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उसकी स्तुति गाओ! (प्रका. 5:9, प्रका. 14:3)

इस्राएल अपने कर्ता के कारण आनन्दित हो, सिय्योन के निवासी अपने राजा के कारण मगन हों!

वे नाचते हुए उसके नाम की स्तुति करें, और डफ और वीणा बजाते हुए उसका भजन गाएँ!

क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा से प्रसन्न रहता है; वह नम्र लोगों का उद्धार करके उन्हें शोभायमान करेगा149:4 वह नम्र लोगों का उद्धार करके उन्हें शोभायमान करेगा: उसकी बाहरी सुन्दरता तो नहीं है परन्तु परमेश्वर उद्धार करके उन्हें ऐसा मान एवं सौंदर्य प्रदान करेगा जैसा बाहरी सौंदर्यकरण प्रदान नहीं कर सकता है।।

भक्त लोग महिमा के कारण प्रफुल्लित हों; और अपने बिछौनों पर भी पड़े-पड़े जयजयकार करें।

उनके कण्ठ से परमेश्वर की प्रशंसा हो, और उनके हाथों में दोधारी तलवारें रहें,

कि वे जाति-जाति से पलटा ले सके; और राज्य-राज्य के लोगों को ताड़ना दें,

और उनके राजाओं को जंजीरों से, और उनके प्रतिष्ठित पुरुषों को लोहे की बेड़ियों से जकड़ रखें149:8 उनके राजाओं को जंजीरों से, .... जकड़ रखें: भजनों में अधिकतर जो कहा गया है, यह विचार उसी के अनुकूल है कि दुष्ट को न्यायोचित दण्ड दिया जाता है।,

और उनको ठहराया हुआ दण्ड देंगे! उसके सब भक्तों की ऐसी ही प्रतिष्ठा होगी। यहोवा की स्तुति करो।

भजन संहिता 149 · KJV Audio
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