मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूँगा; जब तक मैं बना रहूँगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
उसका भी प्राण निकलेगा, वह भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएँ नाश हो जाएँगी146:4 उसकी सब कल्पनाएँ नाश हो जाएँगी: उसके उद्देश्य उसकी योजनाएँ, उसकी युक्तियाँ, विजय और आकांक्षाओं के उद्देश्य, धनवान एवं बड़ा बनने की उसकी योजनाएँ।।
वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उनमें जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा। (प्रेरि. 4:24, प्रेरि. 14:15, प्रेरि. 17:24, प्रका. 10:6, प्रका. 14:7)
यहोवा अंधों को आँखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।
यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है146:9 अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है: अर्थात् परमेश्वर उन सब का मित्र है जिनका इस पृथ्वी पर कोई रक्षक नहीं है।; परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा-मेढ़ा करता है।