Chapter 127 of 150

भजन संहिता127

यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।

तुम जो सवेरे उठते और देर करके विश्राम करते और कठोर परिश्रम की रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद प्रदान करता है।

देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं127:3 बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं: वे प्रकृति की ओर से परमेश्वर की भक्ति का प्रतिफल हैं वे परमेश्वर की प्रतिज्ञा के अनुसार आशीषें हैं।, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।

जैसे वीर के हाथ में तीर, वैसे ही जवानी के बच्चे होते हैं।

क्या ही धन्य है वह पुरुष जिसने अपने तरकश को उनसे भर लिया हो! वह फाटक के पास अपने शत्रुओं से बातें करते संकोच न करेगा।

भजन संहिता 127 · KJV Audio
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