वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है: संकट में मृत्यु से बचा लेता है या रोग के कारण मरने से बचाता है।, और तेरे सिर पर करुणा और दया का मुकुट बाँधता है,
वह सर्वदा वाद-विवाद करता न रहेगा103:9 वह सर्वदा वाद-विवाद करता न रहेगा: झिड़केगा, विरोध करेगा, संघर्ष करेगा। वह मनुष्यों से सदैव संघर्ष नहीं करेगा, अप्रसन्न नहीं होगा।, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हमको बदला दिया है।
परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग-युग, और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है, (लूका 1:50)
हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन को मानते103:20 उसके वचन को मानते: जो सदैव उसकी वाणी सुनते हैं जो उसकी आज्ञा नहीं टालते। और पूरा करते हो, उसको धन्य कहो!