हे अपने को क्रोध में फाड़नेवाले क्या तेरे निमित्त पृथ्वी उजड़ जाएगी, और चट्टान अपने स्थान से हट जाएगी?
वह अपना ही पाँव जाल में फँसाएगा18:8 वह अपना ही पाँव जाल में फँसाएगा: वह अपनी ही चतुराई में ऐसा फँस जाएगा जैसे उसने किसी के लिए जाल बिछाया, गड्ढा खोदा परन्तु स्वयं उसमें गिर गया।, वह फंदों पर चलता है।
उसकी एड़ी फंदे में फँस जाएगी, और वह जाल में पकड़ा जाएगा18:9 वह जाल में पकड़ा जाएगा: शाब्दिक अर्थ में ‘लुटेरे उसके खिलाफ प्रबल होंगे’।।
अपने जिस डेरे का भरोसा वह करता है, उससे वह छीन लिया जाएगा; और वह भयंकरता के राजा के पास पहुँचाया जाएगा।
जो उसके यहाँ का नहीं है वह उसके डेरे में वास करेगा, और उसके घर पर गन्धक छितराई जाएगी18:15 उसके घर पर गन्धक छितराई जाएगी: गन्धक सदैव ही उजड़ने का प्रतीक रहा है। जहाँ गन्धक होता है उस खेत में कुछ नहीं उगता है। यहाँ कहने का अर्थ है कि उस मनुष्य का घर पूर्णतः उजड़ जाएगा और त्यागा हुआ होगा।।
उसके कुटुम्बियों में उसके कोई पुत्र-पौत्र न रहेगा, और जहाँ वह रहता था, वहाँ कोई बचा न रहेगा। (अय्यू. 27:14)
उसका दिन देखकर पश्चिम के लोग भयाकुल होंगे, और पूर्व के निवासियों के रोएँ खड़े हो जाएँगे। (भज. 37:13)