HINIRVभजन संहिता 57:4
मेरा प्राण सिंहों के बीच में है57:4 मेरा प्राण सिंहों के बीच में है: अर्थात् ऐसे मनुष्यों के मध्य हूँ जो शेरों के सामान है- खूंखार, बर्बर मनुष्य।, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिनके दाँत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।
eng_kjvPsalms 57:4
My soul is among lions: and I lie even among them that are set on fire, even the sons of men, whose teeth are spears and arrows, and their tongue a sharp sword.