HINIRVभजन संहिता 32:1
क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढाँपा गया हो32:1 जिसका पाप ढाँपा गया हो: ढाँक दिया गया अर्थात् छिपाया गया या गुप्त रखा गया दूसरे शब्दों में ऐसा ढाँका गया कि दिखाई नहीं देगा।। (रोम. 4:7)
eng_kjvPsalms 32:1
Blessed is he whose transgression is forgiven, whose sin is covered.