HINIRVभजन संहिता 141:2
मेरी प्रार्थना तेरे सामने सुगन्ध धूप141:2 सुगन्ध धूप: मेरी प्रार्थना तेरे सम्मुख ऐसी हो जैसे आराधना में धूप का धुआँ उठता है।, और मेरा हाथ फैलाना, संध्याकाल का अन्नबलि ठहरे! (प्रका. 5:8, प्रका. 8:3,4, नीति. 3:25,1 पत. 3:6)
eng_kjvPsalms 141:2
Let my prayer be set forth before thee as incense; and the lifting up of my hands as the evening sacrifice.