HINIRVभजन संहिता 126:5
जो आँसू बहाते हुए बोते हैं126:5 जो आँसू बहाते हुए बोते हैं: बीज बोना एक परिश्रम का काम है और किसान पर ऐसा बोझ होता है कि वह रो देता है परन्तु जब फसल तैयार हो जाती है तब वह लवनी करके आनन्दित होता है।, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएँगे।
eng_kjvPsalms 126:5
They that sow in tears shall reap in joy.