HINIRVभजन संहिता 123:4
हमारा जीव सुखी लोगों के उपहास से, और अहंकारियों के अपमान से123:4 अहंकारियों के अपमान से: जो पद में, अपनी स्थिति में, या अपनी भावनाओं में बड़े हैं। कहने का अर्थ है कि अपमान करनेवाले वे हैं जिनकी ओर मनुष्य आशा से निहारता हैं। बहुत ही भर गया है।
eng_kjvPsalms 123:4
Our soul is exceedingly filled with the scorning of those that are at ease, and with the contempt of the proud.