भजन संहिता 115:7

HINIRVभजन संहिता 115:7

उनके हाथ तो रहते हैं, परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकती; उनके पाँव तो रहते हैं, परन्तु वे चल नहीं सकती; और उनके कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकती। (भज. 135:16,17)

eng_kjvPsalms 115:7

They have hands, but they handle not: feet have they, but they walk not: neither speak they through their throat.