HINIRVगिनती 5:14
और उसके पति के मन में संदेह उत्पन्न हो, अर्थात् वह अपनी स्त्री पर जलने लगे और वह अशुद्ध हुई हो; या उसके मन में जलन उत्पन्न हो5:14 जलन उत्पन्न हो: क्योंकि व्यभिचार विशेष करके सामाजिक व्यवस्था की नींव को अशुद्ध एवं ध्वंस करता हैं।, अर्थात् वह अपनी स्त्री पर जलने लगे परन्तु वह अशुद्ध न हुई हो;
eng_kjvNumbers 5:14
And the spirit of jealousy come upon him, and he be jealous of his wife, and she be defiled: or if the spirit of jealousy come upon him, and he be jealous of his wife, and she be not defiled: