HINIRVमीका 3:2
तुम तो भलाई से बैर, और बुराई से प्रीति रखते हो3:2 तुम तो भलाई से बैर, और बुराई से प्रीति रखते हो: अर्थात् वे भलाई से घृणा करते हैं और बुराई में मन लगाते हैं। यहाँ भविष्यद्वक्ता भले मनुष्य से घृणा और बुरे मनुष्य से स्नेह के विषय में बात नहीं कर रहा है अपितु भलाई से घृणा करने और बुराई से लगाव रखने की चर्चा कर रहा है।, मानो, तुम, लोगों पर से उनकी खाल उधेड़ लेते, और उनकी हड्डियों पर से उनका माँस नोच लेते हो;
eng_kjvMicah 3:2
Who hate the good, and love the evil; who pluck off their skin from off them, and their flesh from off their bones;