HINIRVयिर्मयाह 36:2
“एक पुस्तक36:2 पुस्तक: (कुण्डली ग्रन्थ) यह अनेक चर्मपत्रों को मिलाकर, बराबर की चौड़ाई में काटकर एक लकड़ी पर लपेटा जाता था। यदि वे अधिक बड़े होते थे तो दोनों सिरों पर लकड़ी लगाई जाती थी। लेकर जितने वचन मैंने तुझ से योशिय्याह के दिनों से लेकर अर्थात् जब मैं तुझ से बातें करने लगा उस समय से आज के दिन तक इस्राएल और यहूदा और सब जातियों के विषय में कहे हैं, सब को उसमें लिख।
eng_kjvJeremiah 36:2
Take thee a roll of a book, and write therein all the words that I have spoken unto thee against Israel, and against Judah, and against all the nations, from the day I spake unto thee, from the days of Josiah, even unto this day.