यशायाह 47:10

HINIRVयशायाह 47:10

तूने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा47:10 तूने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा: यहाँ निःसंदेह, दुष्टता का अर्थ घमण्ड है अर्थात् उसने यह सोचा था कि वह इनके द्वारा अन्य देशों पर अपनी श्रेष्ठता एवं प्रभुता बनाये रखेगा।, तूने कहा, “मुझे कोई नहीं देखता;” तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तूने अपने मन में कहा, “मैं ही हूँ और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।”

eng_kjvIsaiah 47:10

¶ For thou hast trusted in thy wickedness: thou hast said, None seeth me. Thy wisdom and thy knowledge, it hath perverted thee; and thou hast said in thine heart, I am, and none else beside me.